State PCS PYQPrelims 2023

BPSC – Combined Competitive Examination · प्रश्न 115

दिवाला और दिवालियापन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दिवालियापन (बैंकरप्सी) वह वित्तीय स्थिति है जिसमें व्यक्ति/इकाई देय ऋण नहीं चुका पाती। 2. दिवाला (इन्सॉल्वेंसी) वह कानूनी प्रक्रिया है जिसमें ऋणदाताओं हेतु देनदार की संपत्ति बेची या पुनर्गठित की जाती है। 3. दिवालियापन एक स्थिति है जबकि दिवाला निष्कर्ष है। 4. भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) इन कार्यवाहियों का नियामक है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. 1, 2 और 3
  2. 2, 3 और 4
  3. केवल 4
  4. केवल 1 और 2
उत्तर देखें और व्याख्या

उत्तर: (C) केवल 4

व्याख्या

दिवाला एक वित्तीय स्थिति है; दिवालियापन कानूनी घोषणा है। IBBI (2016) IBC के तहत प्रक्रिया का नियामक है।

  • (A) गलत

    गलत: कथन 1–3 दोनों शब्दों को उलट देते हैं।

  • (B) गलत

    गलत: 2 और 3 गलत हैं।

  • (C) सही

    सही: दिवाला भुगतान न कर पाने की स्थिति है; दिवालियापन कानूनी परिणाम है; केवल 4 सही है।

  • (D) गलत

    गलत: ये परिभाषाएँ उलटी हैं।